हाई कोर्ट ने कहा- DNA से पिता होने का पता चलता है, रेप का नहीं; आरोपी को संदेह का लाभ मिलना चाहिए
नई दिल्ली, सितम्बर 4 -- रिपोर्ट- हेमलता कौशिक दिल्ली हाई कोर्ट ने बलात्कार के एक मामले में आरोपी को संदेह का लाभ देते हुए निचली अदालत के फैसले को बरकरार रखा और उसे बरी करने के आदेश के खिलाफ की गई अपील को खारिज कर दिया। इस शख्स पर एक युवती ने बार-बार बलात्कार करने, नशा देने, अप्राकृतिक यौन संबंध बनाने और धमकी देने का आरोप लगाया था। साथ ही इन संबंधों के परिणामस्वरूप उसके बच्चे की मां बनने की बात कही थी। जिसके बाद मामले की सुनवाई के दौरान अदालत ने कहा कि डीएनए जांच की मदद से आरोपी के उस बच्चे के पिता होने और दोनों के बीच शारीरिक संबंध होने की बात को तो पक्के तौर पर साबित किया जा सकता है, लेकिन यह रिपोर्ट अपने आप में यह तय नहीं कर सकती कि रिश्ता सहमति से था या बिना सहमति के। इसके साथ ही जस्टिस मधु जैन की पीठ ने अभियोजन पक्ष की अपील को खारिज क...
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