नवादा, अगस्त 1 -- जिले के 208 इंटर स्कूलों में बच्चों की विज्ञान की व्यवहारिक पढ़ाई पर विशेष जोर दिया जा रहा है। पहले सरकारी इंटर स्कूलों में विद्यार्थियों के लिए प्रायोगिक कक्षा जरूरी नहीं थी, पर अब नौवीं से बारहवीं तक के विद्यार्थियों के लिए प्रायोगिक पढ़ाई अनिवार्य होगी। इस संबंध में निदेशक माध्यमिक शिक्षा ने डीईओ, डीपीओ व संबंधित स्कूलों के एचएम को निर्देश जारी किया गया है। इसमें प्रयोगशालाओं में प्रयोग के काम में आने वाले उपकरणों व रसायन का ब्योरा तलब किया गया है। शिक्षा विभाग ने सरकारी स्कूलों की विज्ञान शिक्षा को प्रयोग आधारित और आधुनिक बनाने का फैसला लिया है। इसी कड़ी में सरकारी स्कूलों में 9वीं से 12वीं तक के छात्रों के लिए प्रायोगिक कक्षाओं को अनिवार्य कर दिया गया है। मसलन, जिले के सरकारी स्कूलों के छात्र विज्ञान की सैद्धांतिक क...