प्रमुख संवाददाता, जनवरी 22 -- यूपी के कानपुर के चर्चित कुशाग्र हत्याकांड में आखिर 25 महीने बाद फैसला आ गया। अपर सत्र न्यायाधीश सुभाष सिंह ने कुशाग्र के तीनों हत्यारों ट्यूशन टीचर रचिता वत्स, प्रेमी प्रभात शुक्ला और उसके दोस्त शिवा गुप्ता को दोहरी उम्रकैद की सजा सुनाई है। अपहरण और हत्या दोनों ही मामलों में तीनों को आजीवन कारावास हुई है पर दोनों सजाएं एक साथ चलेंगी। रचिता पर एक लाख और बाकी दोनों दोषियों पर 1.10-1.10 लाख का जुर्माना भी लगाया गया है। अभियोजन के साथ ही कुशाग्र की मां, पिता और चाचा ने फांसी की सजा की मांग की थी। हालांकि सुप्रीम कोर्ट के छह निर्णयों का हवाला देते हुए न्यायालय ने इस मांग को नहीं माना। सजा सुनाए जाने के बाद पुलिस प्रभात और शिवा को जेल ले जाने लगी तो वकीलों ने दोनों को पीटने का भी प्रयास किया। इसके चलते पुलिस दोनों...
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