मैनपुरी, अप्रैल 7 -- कोर्ट ने सरकार से पूछा है कि हाईवे पर आवारा जानवर कैसे रुकेंगे। इनसे वाहन सवार कैसे अपनी सुरक्षा कर पाएंगे। सवाल बड़ा है। सरकार का जवाब तो अक्सर यही रहता है कि आवारा गोवंश और आवारा जानवर संरक्षित करने के लिए गोशालाओं को तैयार किया गया है। लेकिन प्रशासनिक अधिकारियों की लापरवाही से आवारा गोवंश और जानवर गोशालाओं में नहीं बल्कि सड़कों पर डेरा जमाए हुए हैं। कुरावली नवीगंज के बीच आवारा गोवंश की चपेट में आकर सर्वाधिक हादसे हो रहे हैं। इन हाईवे से जानवरों को हटाने की कोई पहल नहीं हो रही। गाजियाबाद से मैनपुरी होकर कानपुर तक जो हाईवे बना हुआ है। उस हाईवे पर मैनपुरी की सीमा में कुरावली से लेकर नवीगंज तक की 60 किमी की दूरी है। इस हाइवे पर जगह-जगह आवारा जानवर घूमते हुए मिल जाएंगे। जिनसे टकराकर दिन हो या रात जानलेवा हादसे होते रहते...
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