नई दिल्ली, मई 19 -- नई दिल्ली, विशेष संवाददाता। केंद्र सरकार ने बढ़ती शिकायतों को देखते हुए नेशनल हाईवे के किनारे शौचालय क्षेत्र का कायाकल्प और उनका मानकीकरण करने के नए दिशा-निर्देश दिए हैं। इसके तहत पुरुष, महिला एवं दिव्यांगजनों के लिए अंतरराष्ट्रीय स्तर की टचलेस जनसुविधाएं अनिवार्य होंगी। इतना ही नहीं, प्रवेश द्वार पर टच-स्क्रीन (क्यूआर कोड) आधारित डिजिटल फीडबैक सिस्टम होगा। खराब फीडबैक पर आर्थिक दंड का प्रावधान है। सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय ने 18 मई को इस बाबत दिशा-निर्देश जारी कर दिए हैं। इसके मुताबिक पुरुष, महिला और दिव्यांगजनों के लिए अलग-अलग और स्पष्ट रूप से चिह्नित प्रवेश द्वार होंगे। इनका आकार और क्षमता टोल प्लाजा से गुजरने वाले वाहनों की औसत दैनिक संख्या (पीसीयू) के आधार पर शौचालयों की संख्या (सीटें और यूरिनल) निर्धारित ...