नई दिल्ली, फरवरी 3 -- नई दिल्ली। विशेष संवाददाता भारत के प्रधान न्यायाधीश (सीजेआाई) सूर्यकांत ने मंगलवार को कुछ उच्च न्यायालयों में जजों द्वारा फैसला सुरक्षित रखे जाने और इसकी घोषणा में हो रही देरी पर चिंता जाहिर की और कहा कि इसे हर हाल में ठीक किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि मामले में सभी पक्षों को सुनने के बाद फैसला सुरक्षित रखे जाने के बाद इसकी घोषणा (फैसला सुनाना) में देरी नहीं होनी चाहिए। सीजेआई सूर्यकांत ने कहा कि 'वह 7-8 फरवरी को होने वाली उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीशों की आगामी सम्मेलन में इस मुद्दे पर बात करेंगे। उन्होंने कहा कि यह मुद्दा भी उन एजेंडा में से एक है जिसे हमने पहले ही उठाया है और जिस पर हम चर्चा करना चाहेंगे।' मुख्य न्यायाधीश ने झारखंड उच्च न्यायालय द्वारा सुरक्षित रखे जाने के तीन साल से अधिक समय तक फैसला नहीं ...