लखनऊ, अगस्त 12 -- हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच ने विशेष जरूरत वाले बच्चों को सरकारी स्कूलों में पढ़ाने वाले विशेष/रिसोर्स शिक्षकों को बड़ी राहत दी है। न्यायालय ने राज्य सरकार को निर्देश दिया है कि इन शिक्षकों को संबंधित नियमित शिक्षकों के समान वेतनमान और अन्य परिणामी सेवा लाभ प्रदान किए जाएं। न्यायालय ने आदेश के अनुपालन के लिए चार माह का समय दिया है। न्यायमूर्ति इरशाद अली की एकल पीठ ने यह निर्णय विपिन मिश्रा समेत 24 याचियों की ओर से दाखिल याचिका स्वीकार करते हुए दिया। याचियों की नियुक्ति दिव्यांग बच्चों के लिए एकीकृत शिक्षा (आईईडीसी) योजना के तहत जिला स्तरीय चयन समितियों के माध्यम से रिसोर्स टीचर के रूप में हुई थी। उनकी नियुक्तियां संविदात्मक बताते हुए प्रारंभ में छह हजार रुपये प्रतिमाह मानदेय तय किया गया था। हालांकि, याचियों का कहना था कि वे नियम...