हाईकोर्ट ने बुलेट ट्रेन के लिए मैंग्रोव काटने की मंजूरी
नई दिल्ली, अगस्त 4 -- बॉम्बे हाईकोर्ट ने मंगलवार को मुंबई-अहमदाबाद हाई-स्पीड कॉरिडोर के लिए ज़रूरी 13 किलोमीटर लंबी पावर ट्रांसमिशन लाइन बनाने के लिए मैंग्रोव (वनस्पति) काटने की मंज़ूरी दे दी। कोर्ट ने कहा कि यह परियोजना 'राष्ट्रीय महत्व' की है। कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश रवींद्र घुगे और न्यायमूर्ति गौतम अंखाड की पीठ ने गौर किया कि दहानू और अंबरसेराई (पालघर ज़िला) के बीच ट्रांसमिशन लाइन के लिए मैंग्रोव हटाने और पेड़ काटने के प्रस्ताव की सक्षम अधिकारियों ने जांच की है और उसे मंज़ूरी दी है। हालांकि, पीठ ने यह भी कहा कि सैकड़ों किलोमीटर दूर सोलापुर जिले में क्षतिपूर्ति के तौर पर पेड़ लगाना आंकड़ों की जरूरत तो पूरी करता है, लेकिन स्थानीय पारिस्थितिक संतुलन को बहाल करने में नाकाम रहता है। यह भी पढ़ें- कैसा होगा भारत का बुलेट ट्रेन स्टेशन? डिजाइ...
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