रांची, अप्रैल 8 -- रांची, विशेष संवाददाता। झारखंड हाईकोर्ट ने रेलवे भर्ती से जुड़े एक महत्वपूर्ण मामले में केंद्र सरकार और रेलवे भर्ती बोर्ड को झटका देते हुए स्पष्ट किया है कि समान परिस्थितियों में अलग-अलग व्यवहार असंवैधानिक है। जस्टिस सुजीत नारायण प्रसाद और जस्टिस दीपक रोशन की खंडपीठ ने इसके साथ ही केंद्रीय प्रशासनिक न्यायाधिकरण (कैट) के फैसले को रद्द कर दिया। अदालत ने कहा कि समान परिस्थितियों में अन्य उम्मीदवारों को नियुक्ति दी गई है, जबकि याचिकाकर्ता को वंचित करना भेदभावपूर्ण और मनमाना है। कोर्ट ने कैट की पटना बेंच की रांची सर्किट बेंच की 23 अक्टूबर 2024 को पारित आदेश को निरस्त करते हुए रेलवे को निर्देश दिया कि चार सप्ताह के भीतर याचिकाकर्ता को नियुक्ति पत्र जारी किया जाए।क्या है मामलायाचिकाकर्ता रविशंकर कुमार, जिन्होंने भारतीय सेना मे...
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