नई दिल्ली, अगस्त 7 -- कलकत्ता हाईकोर्ट ने शुक्रवार को टीएमसी विधायक कुणाल घोष की एक याचिका खारिज कर दी। याचिका में उन्होंने पश्चिम बंगाल विधानसभा की बहस में भाग लेने का मौका मांगा था। कोर्ट ने कहा कि उन्हें इस मामले को सदन के भीतर ही सुलझाना होगा। जस्टिस कृष्णा राव ने घोष की याचिका खारिज करते हुए कहा कि यह कोर्ट याचिकाकर्ता को अपनी बात रखने का मौका देने का निर्देश देने वाला कोई आदेश विधानसभा अध्यक्ष या व्हिप को पारित नहीं कर सकता। कोर्ट ने कहा कि अगर याचिकाकर्ता को बोलने का मौका न मिलने से कोई शिकायत है, तो उन्हें इस मुद्दे को विधानसभा में ही सुलझाना होगा। यह भी पढ़ें- हर कोई गोली खाए, सुप्रीम कोर्ट यही चाहता है? कॉकरोच वाले अभिजीत दीपके क्यों भड़क उठे जस्टिस राव ने कहा कि संविधान का अनुच्छेद-212 इस कोर्ट को ऐसे किसी भी आरोप पर विचार करने...