रांची, मार्च 28 -- रांची, विशेष संवाददाता। झारखंड हाईकोर्ट के जस्टिस दीपक रोशन की अदालत ने शराब पीकर हंगामा करने के आरोप में पुलिस कांस्टेबल गोपाल राम की बर्खास्तगी के आदेश को निरस्त करते हुए सेवा बहाल करने का आदेश दिया है। अदालत ने कहा कि सेवा से बर्खास्त करना सबसे कठोर सजा है। बिना ठोस प्रमाण के ऐसा करना उचित नहीं है। अदालत ने पाया कि पूरे आरोप का आधार शराब पीना था, लेकिन कोई मेडिकल जांच नहीं हुई और न ही शराब पीने का कोई ठोस प्रमाण दिया गया। कांस्टेबल गोपाल राम को एक मार्च 2000 को सेवा से बर्खास्त कर दिया गया था। उसकी नियुक्ति 15 जून 1988 को कांस्टेबल पद पर आर्म्ड गार्ड, गोविंदपुर पुलिस स्टेशन में हुई थी। आरोप था कि एक मार्च 1997 को जब वह गोविंदपुर पुलिस स्टेशन में कार्यरत था, तब उन्होंने शराब के नशे में अपने वरिष्ठ अधिकारी से दुर्व्यवह...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.