धनबाद, अप्रैल 10 -- झारखंड उच्च न्यायालय ने करोड़ों रुपए के अंतरराष्ट्रीय कोयला निर्यात विवाद से जुड़े मामले में सुनवाई करते हुए राज्य सरकार को काउंटर-अफिडेविट दाखिल करने का निर्देश दिया। यह आदेश जस्टिस रोगन मुखोपाध्याय की अध्यक्षता वाली पीठ की पारित किया गया। मामला क्रिमिनल रिट पिटीशन से संबंधित है। याचिका प्रेम कुमार अग्रवाल की दायर की गई है, जो संजय इंदरचंद अग्रवाल के विधिवत पावर ऑफ अटॉर्नी धारक और भतीजे हैं। याचिकाकर्ता की ओर से अधिवक्ता शैलेश कुमार सिंह समेत अन्य वकीलों ने पैरवी की। मामले का मुख्य विवाद बैंक मोड़ थाना कांड संख्या 280/2025 से जुड़ा है। यह प्राथमिकी अनूप शर्मा की ओर से नारायणी कोक प्राइवेट लिमिटेड की ओर से दर्ज कराई गई थी। एफआईआर में विमला फ्यूल्स एंड मेटल्स लिमिटेड के निदेशकों, जिनमें संजय अग्रवाल भी शामिल हैं, पर नार...
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