रांची, जुलाई 8 -- रांची, विशेष संवाददाता। झारखंड हाईकोर्ट ने छोटानागपुर काश्तकारी (सीएनटी) अधिनियम के तहत भूमि पुनर्बहाली (एसएआर) मामले में महत्वपूर्ण फैसला सुनाते हुए कहा है कि दशकों पुराने मामलों को अनिश्चितकाल तक दोबारा नहीं खोला जा सकता। अदालत ने 40 वर्ष पुराने भूमि हस्तांतरण को चुनौती देकर शुरू की गई कार्रवाई को समय-सीमा और रेस-जुडिकाटा (पूर्व निर्णय की बाध्यता) के सिद्धांत के विरुद्ध मानते हुए अपीलीय और पुनरीक्षण प्राधिकार के आदेशों को रद्द कर दिया तथा वर्ष 1988 में पारित एसएआर अधिकारी के आदेश को बहाल कर दिया। जस्टिस संजय कुमार द्विवेदी की अदालत ने अमर कुमार चौधरी की याचिका स्वीकार करते हुए वर्ष 2008 में अतिरिक्त समाहर्ता, रांची द्वारा पारित एसएआर अपील के आदेश तथा दक्षिण छोटानागपुर प्रमंडल के आयुक्त द्वारा पारित पुनरीक्षण आदेश को नि...