बलरामपुर, जून 26 -- बलरामपुर, संवाददाता। पंचायत चुनाव टालने और ग्राम प्रधानों के स्थान पर प्रशासकों की नियुक्ति के मामले में इलाहाबाद हाईकोर्ट की सख्त टिप्पणी के बाद जिले की 793 ग्राम पंचायतों में नियुक्त प्रशासकों को लेकर नई बहस शुरू हो गई है। यह भी पढ़ें- खत्म हुई प्रधानों की प्रधानी, प्रशासक बनाने के फैसले को गलत बताकर हाईकोर्ट ने लगाई रोकपंचायती प्रशासन की वैधानिक स्थिति न्यायालय ने प्रथम दृष्टया माना है कि 25 और 26 मई 2026 को जारी शासनादेश ऐसे प्रावधान के तहत जारी किए गए हैं, जिसे पहले ही असंवैधानिक घोषित किया जा चुका है। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि ऐसी स्थिति में ग्राम प्रधानों को प्रशासक के रूप में कार्य जारी रखने की अनुमति नहीं दी जा सकती। साथ ही राज्य सरकार को पंचायत चुनाव कराने की समयबद्ध कार्ययोजना प्रस्तुत करने का अंतिम अवसर दिया ...