मेरठ, मार्च 18 -- इलाहाबाद हाईकोर्ट ने मेरठ नगर निगम में चूना घोटाले के आरोपी वरिष्ठ लिपिक अख्तर अली को बड़ी राहत देते हुए उनकी बर्खास्तगी के आदेश को रद्द कर दिया है। कोर्ट ने न केवल कर्मचारी को तत्काल सेवा में बहाल करने का निर्देश दिया है, बल्कि विभाग को फटकार लगाते हुए जांच प्रक्रिया में हुई गंभीर खामियों को भी उजागर किया है। हालांकि कोर्ट ने नगर निगम को यह छूट दी है कि यदि वे चाहे तो नियमों का पालन करते हुए नए सिरे से विभागीय कार्रवाई कर सकता है। सुनवाई के दौरान न्यायमूर्ति ने पाया कि नगर निगम की विभागीय जांच में 'प्राकृतिक न्याय' के सिद्धांतों की धज्जियां उड़ाई गई थीं। कोर्ट ने कर्मचारी को दिए आरोप पत्र में न तो आरोपों का विस्तार था, न ही साक्ष्यों और गवाहों की स्पष्ट जानकारी दी गई थी। जांच अधिकारी ने सुनवाई की तारीख, समय या स्थान की ...
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