हमीरपुर, फरवरी 8 -- मौदहा तहसील के भुलसी गांव के 100 साल के धनीराम को इलाहाबाद हाईकोर्ट के एक फैसले से बड़ी राहत मिली। हत्या के एक मामले में 1984 में धनीराम, उनके भाई और भतीजे को उम्रकैद हुई थी। भतीजा जमानत पर छूटने के बाद लापता हो गया और भाई की भी मौत हो गई। तीसरे बचे धनीराम ही इस प्रकरण में हाईकोर्ट से अपील पर बाहर थे। उम्र के आखिरी पड़ाव में अब धनीराम को न सुनाई पड़ता है और ही ठीक से दिखता है। हाईकोर्ट से हत्या के आरोप से बरी होने के बाद धनीराम अब अपने जीवन के बचे हुए दिनों को बगैर किसी तनाव के जी सकेंगे। यह एक ऐसा मामला था, जिसने न सिर्फ उनकी बल्कि उनके पूरे परिवार की जिंदगी को प्रभावित किया था। पिछले दिनों इलाहाबाद हाईकोर्ट की डबल बेंच ने 1982 में जमीन विवाद को लेकर हुए हत्या के एक मामले में 1984 में हमीरपुर सेशंस कोर्ट से धनीराम को दी ...