वाराणसी, अक्टूबर 1 -- प्रयागराज। इलाहाबाद हाईकोर्ट ने बीएचयू के कर्मचारी महेश कुमार भवसिंहका की वरिष्ठता से संबंधित याचिका पर बीएचयू एवं यूजीसी से जवाब मांगा है। याचिका में आरोप लगाया गया है कि पद के समायोजन/पुनर्नामकरण की प्रक्रिया में बीएचयू में लगभग 16 वर्षों की पूर्व सेवा को नजरअंदाज करते हुए उन्हें कनिष्ठ लिपिकों की वरिष्ठता सूची में सबसे नीचे रखा गया है। यह आदेश न्यायमूर्ति सिद्धार्थ नंदन ने याची के अधिवक्ता सौरभ तिवारी को सुनकर दिया है। कोर्ट ने बीएचयू एवं यूजीसी को जवाबी हलफनामा दाखिल करने के लिए चार सप्ताह का समय दिया है। याची को उसके बाद दो सप्ताह में प्रत्युत्तर हलफनामा दाखिल करने का निर्देश दिया गया है। कोर्ट ने मामले को उसके बाद रजिस्ट्रार (ज्यूडिशियल) के समक्ष सूचीबद्ध करने का निर्देश दिया है। साथ ही यह सुनिश्चित करने को कहा...