नई दिल्ली, फरवरी 27 -- हस्तरेखा शास्त्र में हथेली के पर्वतों को ग्रहों का प्रतिनिधित्व माना जाता है। इनमें गुरु पर्वत (बृहस्पति पर्वत) सबसे महत्वपूर्ण है। यह तर्जनी उंगली के मूल और मंगल पर्वत के ऊपर स्थित होता है। गुरु पर्वत बुद्धि, ज्ञान, सौभाग्य, नेतृत्व, शिक्षा, धर्म, न्याय और समृद्धि का कारक है। हथेली में गुरु पर्वत की स्थिति, ऊंचाई, आकार और झुकाव से व्यक्ति के करियर, व्यक्तित्व, वैवाहिक जीवन और भाग्य के बारे में बहुत कुछ जाना जा सकता है। आइए विस्तार से समझते हैं कि गुरु पर्वत हमें क्या संकेत देता है।गुरु पर्वत का स्थान और महत्व गुरु पर्वत तर्जनी उंगली के नीचे स्थित होता है। यह बृहस्पति ग्रह का प्रतिनिधित्व करता है। हस्तरेखा में इसे अच्छी तरह विकसित (उभरा हुआ, गोल और चिकना) होने पर बहुत शुभ माना जाता है। यह व्यक्ति में उच्च बुद्धि, नै...