महोबा, अगस्त 11 -- महोबा, संवाददाता। प्रथम स्वाधीनता संग्राम में वीर भूमि के वीर सपूतों ने अंग्रेजी हुकूमत के खिलाफ बगावत की हुंकार भरी थी। आंदोलन का नेतृत्व करने वाले 16 अमर शहीदों को फांसी की सजा सुनाई गई थी। शहर में हवेली दरवाजा आज भी इन अमर शहीदों की वीरता की याद दिला रहा है। स्वाधीनता की आग धधकी तो चिंगारी वीर भूमि पर पहुंच गई। अंग्रेजी हुकूमत के खिलाफ बुंदेलों ने मोर्चा खोल दिया। कल्ले, बरई और भवानी जैसे वीरों ने अंग्रेजी हुकूमत के खिलाफ मोर्चा खोल दिया। गजेटियर में इन वीर सपूतों की वीरता का जिक्र है। 1857 में विदेशी हुकूमत के खिलाफ हुई गदर में बुंदेलों ने भी हिस्सा लिया। इतिहासकारों का कहना है कि 16 क्रांतिकारियों ने अंग्रेजी हुकूमत से सीधा मोर्चा खोल दिया। कई बार क्रांतिकारियों ने अंग्रेजी हुकूमत को छकाया जिससे अंग्रेज परेशान हो ग...