हवा जहरीली न हो
नई दिल्ली, सितम्बर 28 -- राष्ट्रीय राजधानी और उत्तर भारत में प्रदूषण के चरम दिन फिर आ रहे हैं। इस मोर्चे पर समय रहते दिल्ली और हरियाणा की तैयारी खासतौर पर ध्यान खींच रही है। पराली जलाने पर रोक के लिए हरियाणा ने उपाय किए हैं, तो दिल्ली ने भी व्यापक योजनाओं की घोषणा की है। ध्यान रहे, पंजाब, हरियाणा, राजस्थान, दिल्ली और उत्तर प्रदेश में खेतों में खड़े धान के अवशेष को आग के हवाले करके जल्दी से जल्दी अगली फसल की तैयारी की अंधी होड़ शुरू हो जाती है। हर साल उत्तर भारत के एक बड़े क्षेत्र में सांस लेना दुश्वार हो जाता है। पराली जलाने की घटनाएं 15 सितंबर के आसपास शुरू हो जाती हैं और इस बार भी शुरू हो गई हैं। प्रदूषण का सबसे घातक समय हम नवंबर के महीने में देखते हैं, जब उत्तर भारत के एक बड़े हिस्से पर जहरीली धुंध छाई रहती है। जाहिर है, पराली जलाने की...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.