नई दिल्ली, अक्टूबर 29 -- इंडिगो के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) विली वॉल्श ने गुरुवार को साफ कहा कि एयरलाइन के पास किराया बढ़ाने के अलावा कोई और रास्ता नहीं है। उनकी बात का मतलब था कि फ्यूल की कीमत इतनी तेजी से बढ़ी है कि कंपनी सिर्फ खर्च काटने या दूसरे तरीकों से इस बोझ को नहीं संभाल पा रही। सितंबर तिमाही में इंडिगो को Rs.1879 करोड़ का नेट लॉस हुआ है। दरअसल, कंपनी का फ्यूल बिल पिछले साल के मुकाबले 67.2 प्रतिशत बढ़कर करीब Rs.9967 करोड़ हो गया। इतनी बड़ी बढ़ोतरी को किराए बढ़ाकर और दूसरे कदमों से कंपनी सिर्फ 60 प्रतिशत ही पूरा कर पाई। यानी बाकी 40 प्रतिशत खर्च कंपनी को खुद उठाना पड़ा, जिससे नुकसान बढ़ा।रेवेन्यू बढ़ा लेकिन घाटा बना रहा इंडिगो का ऑपरेशन से रेवेन्यू साल-दर-साल 25.9 प्रतिशत बढ़कर Rs.23,364 करोड़ हो गया। पिछले साल इसी तिमाही में...