नई दिल्ली, नवम्बर 17 -- सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को केंद्र और अन्य से उस याचिका पर जवाब मांगा जिसमें भारत में निजी विमानन कंपनियों द्वारा लागू हवाई किराए और अन्य शुल्कों में 'अप्रत्याशित उतार-चढ़ाव' को नियंत्रित करने के लिए बाध्यकारी नियामक दिशानिर्देश जारी करने का अनुरोध किया गया है। शीर्ष अदालत सामाजिक कार्यकर्ता एस. लक्ष्मीनारायणन द्वारा दायर याचिका पर सुनवाई के लिए सहमत हो गई, जिन्होंने नागरिक उड्डयन क्षेत्र में पारदर्शिता और यात्री सुरक्षा के लिए एक मजबूत, स्वतंत्र नियामक स्थापित करने की मांग की है। न्यायमूर्ति विक्रम नाथ और न्यायमूर्ति संदीप मेहता की पीठ ने केंद्र, नागरिक उड्डयन महानिदेशालय और भारतीय विमानपत्तन आर्थिक नियामक प्राधिकरण को नोटिस जारी कर याचिका पर उनका जवाब मांगा और मामले की सुनवाई चार सप्ताह बाद निर्धारित की। इस मामले ...
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