कानपुर, मई 21 -- कानपुर। सोने की चमक इस समय सराफा बाजार की रौनक नहीं बढ़ा पा रही। प्रधानमंत्री की एक साल तक सोना न खरीदने की अपील, लगातार ऊंचे दाम और आर्थिक दबाव ने बाजार की चाल थाम दी है। हालत यह है कि कभी दिनभर ग्राहकों से गुलजार रहने वाली सराफा गलियों में अब सन्नाटा है। भारी गहनों से लोग दूरी बना रहे हैं और पूरा कारोबार अब हल्की चेन, छोटी अंगूठियों और कम वजन वाली ज्वेलरी की छोटी जरूरतों के सहारे टिका हुआ है। कारोबारियों के मुताबिक, पिछले साल जहां रोज 50 किलो सोने की बिक्री होती थी, वहीं अब यह घटकर महज चार से पांच किलो रह गई है। बिरहाना रोड, नयागंज, चौक सराफा जैसे बड़े सराफा बाजारों में दुकानदार सुबह से रात तक ग्राहकों का इंतजार करते नजर आ रहे हैं। कारोबारियों के मुताबिक, 10 मई के बाद बाजार में सुस्ती और बढ़ गई। पहले जहां दिनभर दुकानें ...