रुडकी, मई 18 -- रुड़की, कार्यालय संवाददाता। उत्तराखण्ड मदरसा शिक्षा बोर्ड के अध्यक्ष मुफ्ती शमून कासमी ने बंदरजूड गांव में यूसीसी के तहत दर्ज हलाला प्रकरण की पीड़िता के परिवार से मुलाकात की। उन्होंने परिवार को हरसंभव सहयोग का आश्वासन दिया। कासमी ने कहा कि उत्तराखण्ड में लागू समान नागरिक संहिता महिलाओं की गरिमा, समानता और न्याय सुनिश्चित करने की दिशा में ऐतिहासिक कदम है। उन्होंने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की सराहना कर कहा कि उन्होंने समाज में व्याप्त कुप्रथाओं के खिलाफ साहसिक निर्णय लिया है। कहा कि इस्लाम महिलाओं को सम्मान और सुरक्षा देने की शिक्षा देता है तथा हलाला और तत्काल तीन तलाक जैसी कुप्रथाएं महिलाओं के अधिकारों के प्रतिकूल हैं। यह भी पढ़ें- इस्लाम में तीन तलाक बड़ा गुनाह और हलाला हराम, उलमा बोले जागरूकता जरूरी यह भी पढ़ें- हलाला...