नई दिल्ली, सितम्बर 19 -- पश्चिम बंगाल की सबसे चर्चित विधानसभा सीट नंदीग्राम के उपचुनाव से ठीक पहले कांग्रेस के प्रत्याशी मिलन प्रधान की गिरफ्तारी ने राज्य के सियासी तापमान को उफान पर ला दिया है। जहां एक तरफ राहुल गांधी, मल्लिकार्जुन खड़गे और ममता बनर्जी ने इसे "लोकतंत्र की हत्या" और "राजनीतिक बदले की भावना" करार दिया, वहीं दूसरी तरफ मिलन प्रधान के चुनावी हलफनामे में तीन-तीन हत्या के मामलों के खुलासे के बाद कांग्रेस खुद बचाव की मुद्रा में आ खड़ी हुई है।3 मर्डर केस और आर्म्स एक्ट के तहत पेंडिंग वारंट राहुल गांधी और कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं की ओर से इस गिरफ्तारी को केंद्र और राज्य सरकार की "अत्याचारी कूटनीति" बताए जाने के तुरंत बाद मिलन प्रधान का चुनावी हलफनामा मीडिया के सामने आ गया। यह भी पढ़ें- सीएम के तौर पर पहली 'परीक्षा', नंदीग्राम में...