दुमका, अगस्त 26 -- दुमका, प्रतिनिधि। सावन का महीना भगवान शिव की आराधना और साधना के लिए विशेष माना जाता है। मान्यता है कि श्रावण मास में भगवान शिव की पूजा-अर्चना, जलाभिषेक, व्रत और दान-पुण्य करने से विशेष फल की प्राप्ति होती है। इसी कारण सावन शुरू होते ही शिवालयों में श्रद्धालुओं की भीड़ बढ़ जाती है और हर-हर महादेव के जयघोष से वातावरण भक्तिमय हो जाता है।

धार्मिक और पौराणिक संबंध सरैयाहाट के धौनी गांव निवासी एवं शुम्भेश्वरनाथ मंदिर के पंडा आचार्य पंडित रविरंजन शास्त्री के अनुसार, सावन का भगवान शिव से गहरा धार्मिक और पौराणिक संबंध है। मान्यता है कि देवी सती ने भगवान शिव को पति रूप में पाने का संकल्प लिया था। बाद में पार्वती के रूप में जन्म लेने के बाद उन्होंने महादेव को पति रूप में प्राप्त करने के लिए कठोर तपस्या की। भगवान शिव ने उनकी तपस्य...