प्रयागराज, मार्च 3 -- खग्रास चंद्रग्रहण का मोक्ष काल शाम 6.48 बजे होते ही मंदिरों में शंखनाद और घंटा-घड़ियाल की गूंज सुनाई देने लगी। बंधवा स्थित बड़े हनुमानजी मंदिर, सिविल लाइंस के हनुमत निकेतन, मां कल्याणी देवी, मां ललिता देवी, कोटेश्वर महादेव, दशाश्वमेध महादेव, मनकामेश्वर महादेव, प्राचीन गणेश जी मंदिर, वेणी माधव मंदिर व संकटमोचन हनुमान मंदिर सहित अन्य सभी बड़े-छोटे मंदिरों में एक घंटे की साफ-सफाई के बाद दर्शन-पूजन के लिए लंबी कतार लग गई। मंगलवार का दिन होने की वजह से विशेष रूप से मंदिरों के परिसर में श्रद्धालु हनुमान चालीसा व सुंदरकांड के सामूहिक पाठ करते हुए दिखाई दिए। हरिहर गंगा आरती समिति की ओर से ग्रहण के मोक्ष काल की समाप्ति पर त्रिवेणी आरती की गई। जहां हर-हर गंगे, गंगा मैया की जय के जयकारों के बीच भव्यता के साथ मैया की विधि विधान ...
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