हमीरपुर, मार्च 11 -- हमीरपुर, संवाददाता। दबे पांव दस्तक देने वाली किडनी की बीमारी किसी भी आयुवर्ग में जकड़ सकती है। जिले में हर साल किडनी रोगियों की संख्या में बढ़ोत्तरी दर्ज की जा रही है। ज्यादातर मामलों में मरीजों को किडनी की बीमारी का पता तब चला जब उनकी दोनों किडनी जवाब दे चुकी थीं। जिला अस्पताल की होमो डायलिसिस यूनिट में ऐसे ही मरीजों को डायलिसिस हो रही है। इनकी संख्या भी हर साल बढ़ रही है। पैरों की सूजन और यूरिन के साथ ब्लड को हल्के में न लेंजिला अस्पताल के वरिष्ठ फिजीशियन डॉ.आरएस प्रजापति बताते हैं कि गुर्दे फेल होने के अंतिम चरण में मरीज को बार-बार उल्टी आती है और भूख कम लगती है। हीमोग्लोबिन का स्तर गिरना शुरू हो जाता है और व्यक्ति पीला दिखने लग सकता है, बिना शरीर से खून बाहर हुए। यह गुर्दे की बीमारी की सामान्य जटिलताओं में से एक है। ...