नई दिल्ली, जुलाई 15 -- हिंदू धर्म में भगवान जगन्नाथ को विष्णू भगवान का अवतार और कृष्ण भगवान का रूप माना जाता है। ओडिशा के पुरी में जगन्नाथ जी का एक विशाल मंदिर भी है। ये मंदिर न केवल आस्था का एक बड़ा केंद्र है, बल्कि विज्ञान के लिए आज भी एक अनसुलझी पहेली है। इस मंदिर में हर 12 या 19 साल में भगवान की मूर्तियां बदली जाती हैं, तो पुरानी मूर्ति के अंदर से एक गुप्त ब्रह्म पदार्थ निकालकर नई मूर्ति में डाला जाता है। ऐसे में सालों से यहां काम कर रहे पुजारियों का मानना है कि यह साक्षात भगवान कृष्ण का धड़कता हुआ दिल है, जो आज भी धड़क रहा है। मंदिर को लेकर कई रोचक कहानियां हैं। इस मंदिर में हर साल बड़े ही धूम-धाम से रथ यात्रा निकाली जाती है। जिसमें लाखों श्रद्धालू पहुंचते हैं। इस साल ये यात्रा 16 जुलाई को निकाली जाएगी। लेकिन क्या आप जानते हैं कि हर ...