भदोही, जुलाई 1 -- सीतामढ़ी, हिन्दुस्तान संवाद। डीघ ब्लॉक क्षेत्र के छेछुआ-भूर्रा दो ऐसे ग्राम पंचायत हैं, जहां प्रत्येक वर्ष आठ से दस बीघा भूमि बाढ़ की कटान में समा जा रही है। प्रत्येक वर्ष गंगा का जल स्तर बढ़ने से ऐसा कटान होता है कि उपजाऊ खेत का रकबा घटता जा रहा है। वित्तीय वर्ष 2023-24 में लाखों खर्च कर लोक निर्माण विभाग द्वारा बांध बना था जो पहली बाढ़ में ही बह गया। क्षेत्रीय किसानों की माने तो डीघ ब्लॉक का करीब 50 ग्राम पंचायतें ऐसे हैं, जो बाढ़ की चपेट में हर वर्ष आते हैं। बारीपुर, कटरा, कोनिया, कोनिया, इब्राहिमपुर, बिहरोजपुर, सीतामढ़ी, सेमराधनाथ समेत 50 ग्राम पंचायतें बाढ़ से प्रभावित होती हैं। यह भी पढ़ें- दो वर्षों से तालाब-बोरिंग योजना ठप, खरीफ सीजन में सिंचाई संकट से जूझ रहे किसान लेकिन छेछुआ-भूर्रा दो ऐसे ग्राम पंचायतें हैं जो प्रत्य...