लखनऊ, अप्रैल 12 -- बीबीएयू के स्थापना दिवस समारोह के दूसरे दिन रविवार को 'समावेशी विकास, विधिक, संवैधानिक, सामाजिक और आर्थिक आयाम: बाबासाहेब डा. भीमराव अंबेडकर की दृष्टि में' विषयक संगोष्ठी हुई। पूर्व राज्यमंत्री सतीश चंद्र द्विवेदी ने कहा कि सतत विकास के तीन प्रमुख आधार हैं। पहला विकास की गति में निरंतरता और अर्थव्यवस्था में स्थायित्व। इसमें देश की प्रगति लंबे समय तक बनी रह सके। दूसरा तर्कसंगत और न्यायसंगत विकास है। सभी वर्गों के साथ समान व्यवहार हो और किसी के साथ भेदभाव न किया जाए। तीसरा और सबसे महत्वपूर्ण है कि समावेशी विकास, जिसमें समाज के हर वर्ग को विकास की प्रक्रिया में शामिल किया जाए। कुलपति ने कहा कि विकसित भारत के लक्ष्य को हासिल करने के लिए समावेशी विकास अनिवार्य है। केवल आर्थिक प्रगति पर्याप्त नहीं, बल्कि समानता, समरसता और स्व...