हर लव स्टोरी का अंत शादी हो, यह जरूरी नहीं; हाईकोर्ट ने खारिज कर दिया रेप का केस
नई दिल्ली, जून 20 -- इलाहाबाद उच्च न्यायालय (Allahabad High Court) ने शादी के झूठे वादे के आधार पर दर्ज एक बलात्कार के मामले की अदालती कार्यवाही को पूरी तरह खारिज कर दिया है। मामला खारिज करते हुए हाईकोर्ट ने एक बेहद महत्वपूर्ण टिप्पणी की। अदालत ने कहा कि यह न तो अपरिहार्य है और न ही निश्चित कि हर प्रेम संबंध का परिणाम शादी ही हो। अदालत ने कहा कि आपसी असंगति या व्यक्तिगत प्राथमिकताओं में बदलाव सहित कई व्यक्तिगत, व्यावहारिक या परिस्थितिजन्य कारणों से कोई भी रिश्ता टूट सकता है। इलाहाबाद हाईकोर्ट के न्यायमूर्ति विवेक कुमार सिंह की एकल पीठ ने अपने आदेश में कहा, "इस अदालत ने बड़ी संख्या में ऐसे मामले देखे हैं जहां एक बढ़ता हुआ चलन सामने आया है। लंबे समय तक चलने वाले आपसी सहमति के संबंधों के खट्टे होने पर आपराधिक न्यायशास्त्र का सहारा लेकर उन्हे...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.