नई दिल्ली, जुलाई 17 -- सुप्रिया श्रीनेत,अध्यक्ष, सोशल मीडिया, कांग्रेस संसद लोकतंत्र का मंदिर है, जिसकी सार्थकता तभी है, जब वहां देश के लोगों की समस्याओं, तकलीफों, उनके सपनों और उनकी चिंताओं के लिए कुछ किया जाए। दुर्भाग्य से आज देश में सरकार से उसकी हर नाकामी, हर घोटाले और हर जन-विरोधी नीति पर जवाब मांगना अपराध बन चुका है। सरकार समस्याओं का समाधान ढूंढ़ने के बजाय या तो उनसे मुंह मोड़ रही है या फिर मूल मुद्दों से भटकाने के लिए व्यर्थ के मुद्दे खड़े कर रही है। ऐसे वक्त में संसद का आगामी मानसून सत्र भारतीय लोकतंत्र के लिए एक ऐतिहासिक क्षण साबित होने वाला है। एक सशक्त और जिम्मेदार विपक्ष के रूप में कांग्रेस समेत सभी विपक्षी पार्टियां जनता के हक और सत्ता की जवाबदेही तय करने के लिए प्रतिबद्ध हैं। बीते दिनों देश में नीट परीक्षा का पेपर एक बार फि...