नई दिल्ली, जून 3 -- सुप्रीम कोर्ट ने महत्वपूर्ण फैसले में कहा कि तकनीकी विकास ने हर मोबाइल फोन को 'वर्चुअल जुआघर' में तब्दील कर दिया है। शीर्ष अदालत ने ऑनलाइन सट्टेबाजी और बड़े पैमाने पर जुए के प्रचलन को सार्वजनिक व्यवस्था, सार्वजनिक शांति और सार्वजनिक स्वास्थ्य के लिए एक गंभीर खतरा बताते हुए यह टिप्पणी की। यह भी पढ़ें- हर मोबाइल वर्चुअल जुआघर बन गया है - सुप्रीम कोर्टजुआ खेलने वाले तक परिणाम सीमित नहीं शीर्ष अदालत ने कहा कि 69 पन्नों के फैसले में कहा कि ऑनलाइन सट्टेबाजी और जुए के नतीजे सिर्फ इसमें शामिल लोगों तक ही सीमित नहीं रहता, बल्कि इसका असर पूरे समाज पर पड़ता है। यह भी पढ़ें- सट्टेबाजों की 86 अवैध वेबसाइट एसटीएफ ने की ब्लॉकडिजिटल क्रांति ने जुए के तरीके को बदला सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि तकनीकी विकास के साथ आए डिजिटल क्रांति ने 'जु...