बांदा, मई 19 -- बांदा,। सुप्रीम कोर्ट और शासन के सख्त निर्देश के बावजूद जनपदवासियों को खूंखार व आवारा कुत्तों के आतंक से मुक्ति नहीं मिल पाई है। जनपद में हर माह करीब दो हजार लोग कुत्तों के हमलों का शिकार होते हैं। इनमें ज्यादातर स्कूली बच्चे व महिलाएं हैं। कुत्तों को संरक्षित करने और बधियाकरण के उद्देश्य से शासन ने एबीसी सेंटर बनवाने के लिए तीन करोड़ आठ लाख रुपये स्वीकृत किए थे, लेकिन अब तक इसके लिए जमीन की तलाश पूरी नहीं हो सकी। पालिका खाईंपार में 15 लाख की लागत से छोटा एबीसी सेंटर बनवा रही है। इसके अगले माह शुरू होने की उम्मीद है। नगर पालिका ने सुप्रीम कोर्ट व शासन की सख्ती के बाद दो माह पहले आवारा व खूंखार कुत्तों से निपटने के लिए रणनीति बनाई थी। सफाई नायकों के माध्यम से शहर में आवारा कुत्तों का सर्वे कराया था। इसमें करीब 10 हजार आवारा...