लखनऊ, जनवरी 22 -- लखनऊ, वरिष्ठ संवाददाता। शहर में चाइनीज मांझे से हर महीने दो से तीन हादसे हो रहे हैं, कुछ एक जो पुलिस के संज्ञान में आते हैं वही पता चलते हैं बाकी के तो घायल इलाज कराकर घर चले जाते हैं। पुराने लखनऊ के कई इलाकों में इस मांझे की बिक्री हो रही। इसके बाद भी पुलिस रोक नहीं लगा पा रही है। 2017 में नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) ने चाइनीज मांझे के निर्माण और बिक्री पर प्रतिबंध लगा दिया था। इसके बाद भी बिक्री जारी है। रास्ता चलते यह मांझा न जाने कब किसके गले का फंदा बन जाए इसका अंदाजा लगाना मुश्किल है। शहर में हर महीने दो से तीन लोग चाइनीज मांझे का शिकार हो रहे हैं। किसी की गर्दन, किसी का हाथ तो तमाम लोगों के चेहरे, नाक और कान में कट लग रहा। कई बार तो स्कूटी अथवा बाइक चला रहे लोग अनियंत्रित होकर गिर भी जा रहे हैं। यहां बिक रहा म...
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