संतकबीरनगर, मई 7 -- संतकबीरनगर, निज संवाददाता। जनपद के गांवों में लाखों खर्च कर बनाए गए सामुदायिक शौचालय का लाभ ग्रामीणों को नहीं मिल पा रहा है। ज्यादातर शौचालयों का ताला ही नहीं खुलता है, वहीं कई निर्माण की गुणवत्ता खराब होने के कारण बदहाल हो गए हैं। जबकि इन शौचालयों के क्रियान्वयन पर हर माह 63.81 लाख रुपए व्यय होता है। केयर टेकर को छह हजार रुपये महीने मानदेय दिया जाता है। इसके अलावा तीन हजार रुपए प्रति शौचालय सामान के लिए भुगतान होता है। लेकिन इतना खर्च होने के बावजूद ग्रामीणों को इसकी सुविधा नहीं मिल पा रही है। कुछ शौचालयों को छोड़ दिया जाए तो ज्यादातर पर ताला ही लटका रहता है। यह भी पढ़ें- सुविधा के अभाव में लाखों से निर्मित शौचालय बेकारजिले में सामुदायिक शौचालयों की स्थिति जिले में कुल 730 ग्राम पंचायतें हैं, सभी ग्राम पंचायतों में एक...
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