हर बात बताना पड़ सकता है भारी! चाणक्य नीति में इन 5 बातों को गुप्त रखने की सलाह
नई दिल्ली, सितम्बर 21 -- आचार्य चाणक्य ने जीवन को बेहतर तरीके से जीने के लिए कई ऐसी नीतियां बताई हैं, जिनमें बोलने से ज्यादा सही समय पर चुप रहने की बात कही गई है। उनका मानना था कि हर बात हर किसी को बताना समझदारी नहीं होती है। कुछ बातें निजी होती हैं और उन्हें दूसरों के सामने रखने से व्यक्ति खुद मुश्किल में पड़ सकता है। चाणक्य नीति के 14वें अध्याय के 17वें श्लोक में ऐसी बातों को गोपनीय रखने की सलाह दी गई है।सुसिद्धमौषधं धर्मं गृहच्छिद्रं च मैथुनम्।कुभुक्तं कुश्रुतं चैव मतिमान्न प्रकाशयेत् ॥अपनी बनाई हुई औषधि की जानकारी ना बताएं चाणक्य के अनुसार, अगर किसी व्यक्ति ने ऐसी औषधि तैयार की है, जो उसके लिए लाभकारी साबित हुई है, तो उसे हर किसी के सामने जाहिर नहीं करना चाहिए। इसका आशय अपनी जानकारी और अनुभव को बेवजह सार्वजनिक करने से बचने से भी जोड़ा...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.