बिहारशरीफ, जून 23 -- हर परिवार को नहीं मिलता रोजाना काम, जैसे-तैसे कट रही जिंदगानी 40 घरों के मुखिया रिक्शा व ठेला चलाकर परिवार का कर रहे भरण-भोषण काम नहीं मिलने पर भवन निर्माण में ईंट-बालू ढोकर करते हैं कमाई इलाज की नहीं है कोई व्यवस्था, सरकारी अस्पताल ही एकमात्र आसरा मलिन बस्तियों में अभावों के बीच संघर्ष कर रहा जीवन विशेष अभियान के दौरान ही स्वास्थ्यकर्मी पहुंचते हैं इन टोलों में पढ़ाने के लिए सरकारी स्कूल में भेज रहे बच्चों को फोटो : बस्ती : टाट-त्रिपाल और कर्कट से बनी मलिन बस्ती। बिहारशरीफ, निज संवाददाता। शहर के विभिन्न हिस्सों में स्थित मलिन बस्तियों में रहने वाले लोगों का जीवन आज भी बुनियादी सुविधाओं के अभाव में गुजर रहा है। यहां रहने वालों का जीवन रोजाना संघर्ष में गुजर रहा है। यहां रहने वाले अधिकांश परिवारों को नियमित रोजगार या का...