हर दर्द की दवा है जमालशाह के शहर में... सूफियाना कव्वाली पर रातभर झूमते रहे अकीदतमंद
मुंगेर, जून 14 -- जमालपुर, निज प्रतिनिधि। आस्था, मोहब्बत और सूफी परंपरा का अद्भुत संगम शुक्रवार की देर रात उस समय देखने को मिला, जब बाबा जमालशाह के 379वें सालाना उर्स के अवसर पर आयोजित जश्न-ए-महफिल में हजारों अकीदतमंद देर रात तक इबादत और सूफियाना कलाम में डूबे रहे।
उर्स की तैयारी ईस्ट कॉलोनी थाना क्षेत्र स्थित बाबा जमालशाह की दरगाह पर चादरपोशी, दुआ-फातिहा और कव्वाली का सिलसिला पूरी रात जारी रहा। दरगाह परिसर आध्यात्मिक माहौल और श्रद्धालुओं की भारी भीड़ से गुलजार रहा। महफिल में जैसे ही कव्वालों ने क्यों आके रो रहा है जमालशाह के शहर में, हर दर्द की दवा है जमालशाह के शहर में... की प्रस्तुति दी, पूरा परिसर सूफियाना रंग में रंग गया। श्रद्धालु झूम उठे और देर रात तक तालियों की गूंज सुनाई देती रही। गया के प्रसिद्ध कव्वाल मुनव्वर ताज और भागलपुर के ...
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