सोनभद्र, अगस्त 27 -- सोनभद्र, संवाददाता। जिले को बाल श्रम मुक्त बनाने की मुहिम अब केवल दुकानों और प्रतिष्ठानों की जांच तक सीमित नहीं रहेगी। अब ग्राम पंचायत स्तर पर बाल संरक्षण समिति का गठन होगा। गांव की चौपाल से लेकर ब्लॉक और जिला स्तर तक बच्चों को श्रम से मुक्त कराने और उन्हें शिक्षा से जोड़ने के लिए निगरानी की व्यवस्था मजबूत करने की तैयारी है। यह भी पढ़ें- Sonbhadra News: हर ग्राम पंचायत में होगा बाल संरक्षण समिति का गठनग्राम पंचायत स्तर पर समिति की भूमिका ग्राम पंचायत स्तर पर बाल कल्याण एवं संरक्षण समिति को सक्रिय कर गांव में काम करने वाले बच्चों की पहचान, उनके परिवार की स्थिति और स्कूल से जुड़ाव की जानकारी जुटाई जाएगी। ग्रामीण क्षेत्रों में बाल श्रम की सबसे बड़ी चुनौती यह है कि कई बार बच्चों से खेत, ढाबे, दुकानों, मोटर गैराज, ईंट-भट्ठों ...