फतेहपुर, जून 2 -- फतेहपुर। शहर की हर गली में अस्पताल है, चार कमरे के आवास में अस्पताल का बोर्ड, विशेषज्ञ डाक्टरों के नाम पर गंभीर रोग के बेहतर इलाज का दावा कर लोगों की सेहत से खिलवाड़ जोरों पर हैं। पहले एंबुलेंस चालक अब अस्पताल संचालक है, बिचौलिए मरीजों को पहुंचाते हैं और अप्रशिक्षत कर्मचारियों कर्मचारी मरीजों की जान से खिड़वाड़ कर रहे है। अवैध अस्पतालों का बड़ा नेटवर्क हैं, पूर्व में भी कई अधिकारियों ने इस नेटवर्क को ध्वस्त करने की कोशिश की लेकिन स्वास्थ्य विभाग में व्याप्त भ्रष्टाचार,राजनीतिक दलों के संरक्षण के कारण आज भी मौत की दुकानें (अवैध अस्पताल) तन कर खड़े हैं लेकिन अब सभी की निगाह डीएम निधि गुप्ता वत्स की ओर है। अवैध अस्पतालों की जड़ें गहरीं

अवैध अस्पतालों का विस्तार जिले में अवैध अस्पतालों का नेटवर्क अब केवल शहर तक सीमित नहीं ह...