प्रयागराज, मार्च 16 -- Allahabad highcourt News: इलाहाबाद हाईकोर्ट ने कहा ने हर खराब या टूटे हुए संबंध को बलात्कार का मामला बना देना न केवल इस गंभीर अपराध की गंभीरता को कम करता है, बल्कि इससे आरोपी पर अमिट कलंक लग जाता है और उसके साथ गंभीर अन्याय भी होता है। ऐसे मामले केवल व्यक्तिगत विवाद तक सीमित नहीं रहते। इस प्रकार न्याय व्यवस्था का दुरुपयोग होना अत्यंत चिंताजनक है और इसकी कड़ी निंदा की जानी चाहिए। कोर्ट ने कहा कि यदि दो वयस्क आपसी सहमति से लंबे समय तक शारीरिक संबंध में रहते हैं, तो विवाह का वादा पूरा न होने पर उसे दुष्कर्म की श्रेणी में नहीं रखा जा सकता। कोर्ट ने कहा कि आपसी सहमति से बने संबंधों के टूटने को आपराधिक रंग देना कानून की प्रक्रिया का दुरुपयोग है। इन टिप्पणियों के साथ, न्यायालय ने याची अजय सैनी के विरुद्ध रामपुर की अदालत मे...
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