संवाददाता, मार्च 18 -- पीलीभीत जिले का बिलसंडा क्षेत्र केवल प्राकृतिक और सांस्कृतिक पहचान के लिए ही नहीं, बल्कि अपनी पौराणिक मान्यताओं के कारण भी प्रसिद्ध है। इस क्षेत्र के लिलहर गांव में स्थित एक प्राचीन सरोवर हर अमावस्या को श्रद्धालुओं की आस्था का केंद्र बन जाता है। मान्यता है कि इस सरोवर में स्नान करने से त्वचा रोगों में राहत मिलती है, जिसके चलते हर अमावस्या को यहां दूर-दूराज के क्षेत्रों से लोग पहुंचते हैं और स्नान कर पूजा-अर्चना करते हैं। स्थानीय लोगों के अनुसार बिलसंडा क्षेत्र को महादानी राजा मोरध्वज की नगरी के रूप में भी जाना जाता है। पौराणिक कथाओं में वर्णन मिलता है कि राजा मोरध्वज के छोटे भाई नीलध्वज को त्वचा संबंधी गंभीर रोग हो गया था। उपचार के कई प्रयासों के बाद भी जब बीमारी में सुधार नहीं हुआ तो वे बिलसंडा क्षेत्र में लिलहर गा...