बस्ती, अप्रैल 16 -- हर्रैया, हिन्दुस्तान संवाद तहसील स्तरीय मृदा परीक्षण प्रयोगशाला की बदहाली के कारण क्षेत्र के किसानों को मिट्टी जांच जैसी महत्वपूर्ण सुविधा से वंचित होना पड़ रहा है। महूघाट-अमारी मार्ग पर सिसई कृषि फॉर्म के पास स्थित यह प्रयोगशाला देखरेख के अभाव में खंडहर में तब्दील हो चुकी है। यहां स्थापित मशीनें धूल फांक रही हैं और पिछले तीन वर्षों से जांच कार्य लगभग ठप है।कृषि वैज्ञानिकों के अनुसार, किसानों की आय बढ़ाने के लिए मिट्टी की जांच बेहद जरूरी है। जांच के आधार पर ही खेतों में जरूरी पोषक तत्वों का संतुलित उपयोग किया जा सकता है, जिससे उत्पादन क्षमता बढ़ती है। यह भी पढ़ें- संतुलित उर्वरक उपयोग पर किसानों को प्रशिक्षण लेकिन प्रयोगशाला बंद रहने से तहसील के 1500 से अधिक राजस्व गांवों के किसानों को इस सुविधा का लाभ नहीं मिल पा रहा ...
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