हर्बल व आयुष उत्पादों की शुद्धता जांचने के लिए सीमैप ने विकसित किए 22 स्वदेशी मानक
लखनऊ, जून 17 -- भारतीय औषधीय पौधों, आयुष दवाओं और हर्बल उत्पादों की गुणवत्ता व शुद्धता को वैश्विक स्तर पर स्थापित करने की दिशा में देश को एक बड़ी सफलता मिली है। राजधानी लखनऊ स्थित सीएसआईआर-केंद्रीय औषधीय एवं सगंध पौधा संस्थान (सीएसआईआर-सीमैप) ने सीएसआईआर-राष्ट्रीय भौतिक प्रयोगशाला (एनपीएल) के सहयोग से 22 स्वदेशी प्रमाणित संदर्भ सामग्रियों (सीआरएमएस) का विकास किया है। इन्हें 'भारतीय निर्देशक द्रव्य' के रूप में मान्यता दी गई है। इस बड़ी उपलब्धि के साथ ही अब देश को दवाओं और खाद्य सुरक्षा की जांच के लिए महंगे विदेशी आयातित मानकों पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा। इन स्वदेशी संदर्भ सामग्रियों का औपचारिक विमोचन सीएसआईआर मुख्यालय, नई दिल्ली में डॉ. एन. कलैसेल्वी (महानिदेशक, सीएसआईआर एवं सचिव, वैज्ञानिक और औद्योगिक अनुसंधान विभाग) द्वारा किया गया। इस अ...
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