मुरादाबाद, फरवरी 16 -- बिलारी। क्षेत्र के गांव हरोरा में बाल विवाह मुक्त अभियान के तहत विशेष जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। जिसमें भारी तादात में महिला पुरुष आदि मौजूद रहे। इस मौके पर बाल विवाह से होने वाले दुष्परिणाम बताए गए। बाल विवाह करना या करवाना गैर जमानती अपराध बताया। सोमवार को कार्यक्रम के दौरान मनो सामाजिक परामर्शदाता तनीषा दिवाकर, सुपरवाइजर शाहनवाज आलम ने बताया कि बाल विवाह करने और करने वालों के लिए सजा का प्रावधान है। विवाह के लिए लड़की की आयु 18 साल तथा लड़के की आयु 21 साल होनी चाहिए। बाल विवाह होने पर 2 वर्ष का कठोर कारावास और एक लाख का जुर्माना हो सकता है। लिहाजा टोल फ्री नंबर पर गोपनीय सूचना दें। इस मौके पर बाल विवाह मुक्त भारत अभियान के तहत शपथ भी दिलाई गई। कार्यक्रम में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण से पीएलबी अदनान रिं...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.