अयोध्या, मई 28 -- कुमारगंज,संवाददाता। भारत कृषि प्रधान देश है और हमारे देश का हृदय उत्तर प्रदेश में निवास करता है। प्रदेश के अंदर 45 प्रतिशत हरा चारा और 20 प्रतिशत सूखे चारे की कमी है। हरा चारा मवेशियों के लिए बहुत जरूरी है। इसके बिना पशु स्वस्थ नहीं रह सकते हैं। किसान पुआल को खेतों में जला रहे हैं जिससे प्रकृति से खिलवाड़ व मिट्टी की गुणवत्ता घटती जा रही है। चारा उत्पादन के साथ किसान व्यवसायिक खेती कर सकते हैं। एकीकृत कृषि प्रणाली को अपनाने की जरूरत है। अपनी प्रजाति को विस्तार देने की जरूरत है। ब्रीडर बीज बढ़ाने के साथ-साथ गुणवत्तायुक्त बीज किसानों तक पहुंचाना होगा जिससे कि किसानों की पैदवार में इजाफा हो। विवि ने कुलपति डा. बिजेंद्र सिंह के नेतृत्व में एक नई ऊंचाईंयों को छूआ है। इसमें पूरे विवि परिवार ने मिलकर सहयोग किया है। यह भी पढ़ें-...