गोड्डा, मई 20 -- गोड्डा, प्रतिनिधि। पथरगामा प्रखंड के मटिहानी ग्राम के प्राथमिक स्कूल में ग्रामीण विकास ट्रस्ट - कृषि विज्ञान केन्द्र, गोड्डा के सौजन्य से उर्वरकों के संतुलित उपयोग विषय पर प्रशिक्षण- सह - जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। यह भी पढ़ें- रसायनिक उर्वरकों के प्रयोग से मृदा की उर्वरता होती है प्रभावित : डा. धमेंद्रप्रशिक्षण कार्यक्रम के उद्देश्य फसल वैज्ञानिक डॉ. तेज प्रताप सिंह ने बताया कि मिट्टी की उर्वरा शक्ति बढ़ाने के लिए हरी खाद एक प्राकृतिक और बेहद कारगर उपाय है। यह मुख्य रूप से दलहनी फसलों (जैसे- ढैंचा, सनई, मूंग) को खेत में उगाकर और फूल आने से पहले उसी में जोतकर बनाई जाती है। हरी खाद (विशेषकर दलहनी फसलें) वायुमंडल से नाइट्रोजन खींचकर जड़ों में जमा करती हैं। मिट्टी में पलटने पर यह प्राकृतिक रूप से भारी मात्रा में न...