नई दिल्ली, मार्च 11 -- Harish Rana Case: सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार को 32 साल के हरीश राणा को इच्छामृत्यु की इजाजत देते हुए ऐतिहासिक फैसला सुनाया है। इस दौरान सुप्रीम कोर्ट में गमगीन माहौल देखने को मिला। फैसला सुनाते समय जस्टिस जे. बी. पारदीवाला बेहद भावुक हो गए और उनकी आंखें नम हो गई थी। गौरतलब है कि सुप्रीम कोर्ट में जस्टिस जे. बी. पारदीवाला और जस्टिस के. वी. विश्वनाथन की पीठ ने हरीश राणा के माता-पिता को उनकी जीवनरक्षक चिकित्सा हटाने की इजाजत दे दी है। हरीश राणा पिछले 13 साल से लगातार वेजिटेटिव स्टेट यानी कोमा में हैं। इससे पहले यह मामला पूरे देश में चर्चा का विषय बन गया था। इस मामले से सम्मानजनक मृत्यु के अधिकार यानी 'राइट टू डाई विद डिग्निटी' जैसे अहम सवाल भी जुड़े हुए थे। बुधवार को फैसला पढ़ते समय जस्टिस पारदीवाला ने कहा कि हरीश राणा कभ...